📰 UKSSSC पेपर लीक मामला : मास्टरमाइंड खालिद मलिक गिरफ्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला लगातार सुर्खियों में है। पुलिस को इस प्रकरण में बड़ी सफलता मिली है और पेपर लीक का मास्टरमाइंड खालिद मलिक को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश फैला दिया है और युवाओं ने सरकार व आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🚨 मास्टरमाइंड खालिद मलिक की गिरफ्तारी
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने पुष्टि की है कि UKSSSC पेपर लीक केस में मुख्य आरोपी खालिद मलिक को हरिद्वार से दबोचा गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस परीक्षा केंद्र में खालिद ने परीक्षा दी, उस कक्ष में जैमर ही मौजूद नहीं था। जबकि केंद्र में कुल 18 कमरे थे, और 15 जैमर लगे थे। लेकिन कमरा नंबर 9, 17 और 18 में जैमर नहीं थे। संयोग से खालिद उसी कमरे में बैठा था और वहीं से मोबाइल डिवाइस के माध्यम से प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर भेजीं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि खालिद ने प्रश्न पत्र अपनी बहन साबिया को भेजे और साबिया ने उन्हें सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान तक पहुंचाया। वहीं, खालिद की दूसरी बहन हीना भी इस षड्यंत्र में शामिल थी।

🔍 SIT की जांच और पूछताछ
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने UKSSSC पेपर लीक मामले की जांच एसपी देहात जया बलूनी को सौंपी। SIT टीम ने हरिद्वार जाकर परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों समेत कई गवाहों से पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद लापरवाह थी। जैमर टीम पर भी संदेह गहराया है, क्योंकि कई कमरों में जैमर काम ही नहीं कर रहे थे। SIT अब जैमर टीम, परीक्षा केंद्र कर्मचारियों और संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

📱 मोबाइल से मिले अहम सबूत
पुलिस ने आरोपी खालिद मलिक के मोबाइल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। उसमें प्रश्नपत्र की तस्वीरें और संदिग्ध चैट्स शामिल हैं। यही नहीं, आरोपियों के बीच हुई बातचीत से पेपर लीक रैकेट का पूरा नेटवर्क उजागर होने की संभावना है।
फिलहाल, आरोपी खालिद को देहरादून लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
😡 बेरोजगार युवाओं का गुस्सा
UKSSSC पेपर लीक मामले ने राज्यभर के बेरोजगार युवाओं में गहरा आक्रोश भर दिया है। गोपेश्वर में छात्रों ने विशाल रैली निकाली और सरकार व आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, लक्सर में खालिद के घर के बाहर भी माहौल तनावपूर्ण रहा और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी से हलचल मच गई।
युवाओं का आरोप है कि लगातार पेपर लीक घटनाओं ने उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को दांव पर लगा दिया है। उनका कहना है कि भर्ती से पहले ही पदों को 15-15 लाख रुपये में बेचा जा रहा है, जिससे ईमानदार अभ्यर्थी हतोत्साहित हो रहे हैं।

✊ युवाओं की मांग – CBI जांच
बेरोजगार अभ्यर्थियों ने मांग की है कि UKSSSC पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। उनका मानना है कि जब तक बड़े स्तर पर जांच नहीं होगी, तब तक असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।
प्रदर्शनकारी युवाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने आपदा के बावजूद परीक्षा आयोजित कराई और आधे घंटे के भीतर पेपर लीक होना आयोग और नकल माफिया की मिलीभगत को दर्शाता है।

📌 सरकार और आयोग पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर UKSSSC की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होना न केवल उनके भविष्य से खिलवाड़ है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा और भर्ती प्रणाली पर भी धब्बा है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और आगे की राह
पुलिस ने खालिद मलिक की बहन साबिया को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ आरोप है कि उसने पूरी जानकारी होने के बावजूद प्रश्नपत्र को सॉल्व करने के लिए बाहर भेजा। अब SIT अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

🏛️ निष्कर्ष
UKSSSC पेपर लीक मामला केवल एक भर्ती परीक्षा की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और राज्य की साख पर गहरा आघात है। खालिद मलिक की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ होगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बार-बार होने वाले पेपर लीक पर अब सख्त अंकुश लगेगा या बेरोजगार युवाओं का गुस्सा एक बड़े आंदोलन में बदल जाएगा?




