UCC Divas : उत्तराखंड में 27 जनवरी को मनाया जाएगा समान नागरिक संहिता दिवस
Dehradun : उत्तराखंड में लागू हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को अब एक साल पूरा होने जा रहा है। इसी ऐतिहासिक मौके पर राज्य सरकार 27 जनवरी 2026 को UCC Divas यानी समान नागरिक संहिता दिवस बड़े स्तर पर मनाने जा रही है। यह दिन न सिर्फ एक कानूनी सुधार की वर्षगांठ होगा, बल्कि गुड गवर्नेंस और डिजिटल व्यवस्था की सफलता का प्रतीक भी बनेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में सरकार इस अवसर को पूरे प्रदेश में विशेष कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के जरिए मनाएगी। राजधानी देहरादून में मुख्य कार्यक्रम होगा, जबकि 21 जनवरी से ही सभी जिलों में आयोजन शुरू कर दिए जाएंगे।
27 जनवरी को राजकीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा UCC Divas
विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती के अनुसार, 27 जनवरी को इस बार राजकीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा। सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून के हिमालय संस्कृति केंद्र में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में यूसीसी की यात्रा से जुड़ी एक विशेष फोटो गैलरी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य भर में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

पूरे हफ्ते होंगे कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
UCC Divas के अवसर पर जिलों में कई तरह की गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- चित्रकला प्रतियोगिता
- स्लोगन लेखन
- निबंध लेखन
- फाइनल डिस्कशन और जागरूकता सत्र
इन सभी प्रतियोगिताओं का मकसद लोगों को समान नागरिक संहिता के प्रावधानों और उनके फायदे समझाना है। सरकार चाहती है कि आम नागरिक यूसीसी को सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सुविधा के रूप में देखें।
विवाह पंजीकरण से लेकर वसीयत तक, बढ़ा भरोसा
यूसीसी लागू होने के बाद सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया था। विवाह पंजीकरण शुल्क को 26 जनवरी 2026 तक के लिए निशुल्क कर दिया गया। इसका असर साफ नजर आया।
अब तक:
- करीब 5 लाख लोगों ने विवाह पंजीकरण कराया
- लगभग 4000 वसीयत पंजीकृत हुईं
- लिव इन रिलेशनशिप और तलाक का भी रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ
यह आंकड़े बताते हैं कि लोग अब इस नई व्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं।
UCC पोर्टल बना लोगों के लिए बड़ी राहत
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के तहत सभी आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन UCC पोर्टल के जरिए हो रहे हैं। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
कुछ खास बातें:
- घर बैठे आवेदन की सुविधा
- औसतन पांच दिन में प्रमाण पत्र
- मजबूत डाटा सुरक्षा व्यवस्था
- निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय
यहां तक कि आवेदन मंजूर होने के बाद संबंधित अधिकारी भी व्यक्तिगत जानकारी नहीं देख सकता। यही वजह है कि बीते एक साल में निजता उल्लंघन की एक भी शिकायत सामने नहीं आई।
शुरुआती विरोध के बाद बदली सोच
यूसीसी लागू होते समय कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था। लेकिन एक साल के अनुभव ने कई शंकाओं को खत्म कर दिया।
आज लोग मानते हैं कि समान नागरिक संहिता ने:
- प्रक्रिया को सरल बनाया
- समय की बचत कराई
- पारदर्शिता बढ़ाई
- डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों की निजता का पूरी तरह सम्मान करती है और यह गुड गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण है।
UCC Divas का संदेश: कानून नहीं, सुविधा है यूसीसी
सरकार के लिए UCC Divas सिर्फ उत्सव नहीं है, बल्कि एक संदेश है कि कानून तभी सफल होता है जब वह आम लोगों के काम आए।
शादी, तलाक, वसीयत या लिव इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था ने उत्तराखंड को देश के लिए एक मॉडल राज्य बना दिया है।
निष्कर्ष
27 जनवरी 2026 को मनाया जाने वाला UCC Divas उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा। यह दिन याद दिलाएगा कि कैसे एक बड़े कानूनी सुधार ने आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाया।
एक साल में मिले सकारात्मक नतीजे बताते हैं कि समान नागरिक संहिता सिर्फ कानून नहीं, बल्कि भरोसे और सुविधा की नई पहचान बन चुकी है।
FAQs
Q1. उत्तराखंड मे UCC Divas कब मनाया जाएगा?
27 जनवरी 2026 को उत्तराखंड में UCC Divas राजकीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
Q2. मुख्य कार्यक्रम कहां होगा?
मुख्य कार्यक्रम देहरादून के हिमालय संस्कृति केंद्र में आयोजित किया जाएगा।
Q3. अब तक कितने विवाह पंजीकरण हुए हैं?
करीब 5 लाख लोगों ने विवाह पंजीकरण कराया है।
Q4. UCC पोर्टल की खासियत क्या है?
ऑनलाइन आवेदन, तेज प्रमाण पत्र, और पूरी तरह सुरक्षित व गोपनीय व्यवस्था।




