PCS Mains Exam : सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर सकता है Ukpsc
देहरादून : उत्तराखंड में आयोजित होने वाली PCS Mains Exam को फिलहाल रोक दिया गया है। यह फैसला उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद लिया गया, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए एक गलत प्रश्न को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। आयोग ने इस निर्णय को अपनी वेबसाइट पर भी जारी किया है और अब आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
यह मामला तेजी से बढ़ रहा है और इसके चलते हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वे कई महीनों से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। अब Ukpsc इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
हाईकोर्ट ने क्यों रोकी PCS Mains Exam?
2025 की उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा की प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी। इसके लिए प्रारंभिक परीक्षा भी आयोजित की गई थी। इसी प्रीलिम्स परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज की थी।
आपत्ति में यह कहा गया कि सामान्य अध्ययन (GS) के एक प्रश्न में त्रुटि थी और इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। मामला हाईकोर्ट पहुँचा और अदालत ने सुनवाई के आधार पर आयोग को निर्देश दिए कि:
- गलत प्रश्न को हटाकर
- प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया जाए
- नई मेरिट सूची प्रकाशित की जाए
- और तब तक PCS Mains Exam को रोका जाए
इस आदेश के बाद आयोग को मुख्य परीक्षा को स्थगित करना पड़ा।

6 और 9 दिसंबर को होने वाली थी परीक्षा
मुख्य परीक्षा 6 और 9 दिसंबर को आयोजित की जानी थी। हजारों उम्मीदवार देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और अन्य केंद्रों पर परीक्षा देने की तैयारी में थे। कई अभ्यर्थियों ने अपनी यात्रा और रहने की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश के बाद परीक्षा की सभी तिथियां रद्द कर दी गईं।
लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नई तिथियां जारी नहीं की जाएंगी। इन्हें केवल तब घोषित किया जाएगा जब संशोधित प्रीलिम्स परिणाम और नई मेरिट सूची जारी हो जाएगी।
Ukpsc ने लीगल सेल से राय मांगी
Ukpsc अब आगे की रणनीति तय करने के लिए अपनी कानूनी टीम से विस्तृत सलाह ले रहा है। आयोग के सचिव अशोक पांडे ने बताया कि:
- सभी विकल्प खुले हैं
- कानूनी राय के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा
- आयोग हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर भी विचार कर रहा है
उनके अनुसार, आयोग चाहता है कि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और अभ्यर्थियों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। लेकिन अदालत के आदेश का पालन करना भी जरूरी है।
क्या सुप्रीम कोर्ट जा सकता है आयोग?
मौजूदा परिस्थितियों में यह संभावना बन रही है कि आयोग हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। इसके पीछे कुछ प्रमुख वजहें हैं:
- समूची परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो रही है
PCS Mains Exam केवल कुछ दिनों बाद होनी थी। ऐसे में रोक लगने से कैलेंडर पूरी तरह बिगड़ जाता है। - अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा है
हजारों उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के आधार पर एक साल की तैयारी की है। - संपूर्ण रिक्रूटमेंट प्रक्रिया लंबी हो जाएगी
संशोधित परिणाम, नई मेरिट सूची और फिर नई तिथियों का जारी होना कई महीनों का समय ले सकता है। - केवल एक प्रश्न विवादित है
यदि सुप्रीम कोर्ट कोई वैकल्पिक समाधान सुझाता है, तो प्रक्रिया तेज हो सकती है।
आयोग इन सभी बिंदुओं को देखते हुए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
अभ्यर्थियों में असमंजस, तैयारी पर असर
PCS Mains Exam की तैयारी कर रहे छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई तिथियां कब आएंगी। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि पढ़ाई की गति प्रभावित हो रही है। निरंतर अनिश्चितता के कारण फोकस बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
फिर भी अधिकांश उम्मीदवार उम्मीद कर रहे हैं कि आयोग जल्द स्थिति स्पष्ट करेगा, ताकि वे अपनी रणनीति तय कर सकें।
क्या आगे हो सकता है?
मौजूदा स्थिति के आधार पर आगे ये कदम संभव हैं:
- आयोग संशोधित प्रीलिम्स परिणाम जारी करेगा
- नई मेरिट सूची प्रकाशित की जाएगी
- मुख्य परीक्षा की नई तिथियां घोषित होंगी
- यदि आयोग सुप्रीम कोर्ट जाता है, तो आदेश के अनुसार प्रक्रिया में तेजी या बदलाव हो सकता है
जब तक कानूनी स्थिति साफ नहीं होती, परीक्षा का आयोजन संभव नहीं है।
निष्कर्ष
PCS Mains Exam का स्थगित होना अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि यह सीधे उनके भविष्य और तैयारी को प्रभावित करता है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए आयोग ने मुख्य परीक्षा को रोक दिया है और अब कानूनी सलाह के आधार पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील करना आयोग के सामने एक बड़ा विकल्प है, जो आने वाले दिनों में स्थिति को बदल सकता है। फिलहाल उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा और अपनी तैयारी उसी अनुशासन के साथ जारी रखनी होगी।




