Jwalpa Devi Mandir विवाद: हाईकोर्ट सख्त, अतिक्रमणकारियों को नोटिस..

Jwalpa Devi Mandir विवाद: हाईकोर्ट सख्त, अतिक्रमणकारियों को नोटिस..

🛕 Jwalpa Devi Mandir हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में मांगा जवाब

पौड़ी गढ़वाल के प्रसिद्ध सिद्धपीठ Jwalpa Devi Mandir से जुड़े अतिक्रमण और स्वामित्व विवाद पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे और निजी हक जताने के मामले में अदालत ने सभी कथित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया है।

यह मामला न केवल कानूनी बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि Jwalpa Devi Mandir पौड़ी गढ़वाल के सबसे प्रतिष्ठित शक्तिपीठों में गिना जाता है।


🏛️ हाईकोर्ट में क्या हुआ?

इस मामले की सुनवाई नैनीताल हाईकोर्ट में हुई, जहां
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने राज्य सरकार को भी आदेश दिया है कि वह पूरे मामले पर स्पष्ट पक्ष अदालत के समक्ष रखे।


📄 जनहित याचिका में क्या कहा गया?

पौड़ी गढ़वाल निवासी हरि किशन थपलियाल द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि:

  • Jwalpa Devi Mandir एक प्राचीन सिद्धपीठ है
  • मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं
  • नवरात्रि और विशेष पर्वों पर यहां भारी भीड़ रहती है
  • बावजूद इसके, कुछ लोगों ने मंदिर की भूमि और आसपास के क्षेत्र पर अतिक्रमण कर रखा है

याचिका के अनुसार, इन अतिक्रमणों के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


🚫 अतिक्रमण से श्रद्धालुओं को हो रही समस्याएं

याचिका में यह भी कहा गया है कि अवैध कब्जों के कारण:

  • मंदिर तक पहुंच बाधित हो रही है
  • पूजा स्थलों की पवित्रता प्रभावित हो रही है
  • श्रद्धालुओं को बिना रोक-टोक दर्शन नहीं मिल पा रहे

इसी कारण अदालत से मांग की गई है कि Jwalpa Devi Mandir को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया जाए।


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🛕 Jwalpa Devi Mandir का धार्मिक और पौराणिक महत्व

Jwalpa Devi Mandir पौड़ी-कोटद्वार मार्ग पर नयार नदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित एक प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार:

  • स्कंदपुराण में इस स्थान का उल्लेख मिलता है
  • देवी शची ने देवराज इंद्र को पति रूप में पाने के लिए यहीं मां पार्वती की आराधना की थी
  • उनकी तपस्या यहीं पूर्ण हुई थी

इसी विश्वास के चलते आज भी अविवाहित कन्याएं सुयोग्य वर की कामना लेकर Jwalpa Devi Mandir में दर्शन के लिए आती हैं।


🙏 कुलदेवी के रूप में विशेष मान्यता

स्थानीय परंपराओं के अनुसार, ज्वाल्पा देवी को विशेष रूप से:

  • थपलियाल
  • बिष्ट

समुदाय के लोगों की कुलदेवी माना जाता है। यही वजह है कि इस मंदिर से लोगों की भावनात्मक और धार्मिक आस्था गहराई से जुड़ी हुई है।


⏳ आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद अब:

  • सभी अतिक्रमणकारियों को जवाब दाखिल करना होगा
  • राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी होगी
  • दो सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी

श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि कोर्ट की सख्ती से Jwalpa Devi Mandir को अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी और मंदिर की गरिमा बनी रहेगी।


❓ FAQs

❓ Jwalpa Devi Mandir कहां स्थित है?

Jwalpa Devi Mandir उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में, पौड़ी-कोटद्वार मार्ग पर नयार नदी के किनारे स्थित है।

❓ Jwalpa Devi Mandir विवाद क्या है?

मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण और स्वामित्व का दावा किए जाने को लेकर यह विवाद सामने आया है।

❓ हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है?

हाईकोर्ट ने अतिक्रमणकारियों और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

❓ Jwalpa Devi Mandir क्यों प्रसिद्ध है?

यह एक सिद्धपीठ है, जहां श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति और विशेष रूप से विवाह संबंधी कामनाओं के लिए आते हैं।


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