jim corbett elephant safari

कॉर्बेट में फिर गूंजे हाथियों के कदम! सर्दियों में शुरू हुई हथियों की सवारी , जानिए पूरा रूट और किराया…

Jim Corbett Elephant Safari फिर शुरू: जंगल रोमांच का शाही अनुभव लौटा

रामनगर : कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से इस सर्द मौसम में पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार Jim Corbett Elephant Safari को फिर से शुरू कर दिया गया है। वर्षों से बंद पड़ी यह सफारी अब दोबारा पर्यटकों के लिए खोली गई है, जिससे देश-विदेश से आने वाले सैलानियों का रोमांच कई गुना बढ़ गया है।

चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, देहरादून की ओर से आदेश जारी होने के बाद कॉर्बेट प्रशासन ने हाथी सफारी को ढिकाला और बिजरानी जोन में शुरू कर दिया है। यह फैसला न केवल पर्यटन की दृष्टि से अहम है, बल्कि उत्तराखंड की इको-टूरिज्म नीति के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


कॉर्बेट टाइगर रिजर्व: जैव विविधता और रोमांच का केंद्र

उत्तराखंड के नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल जिलों में फैला Corbett Tiger Reserve दुनिया के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में गिना जाता है। रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी, तेंदुआ, घड़ियाल, हिरणों की कई प्रजातियां और 600 से ज्यादा पक्षी प्रजातियां इसे खास बनाती हैं।

अब जब jim corbett elephant safari की वापसी हुई है, तो जंगल को देखने का अनुभव और भी प्राकृतिक, शांत और रोमांचक हो गया है। हाथी की पीठ पर बैठकर जंगल के भीतर जाना वह अनुभव है, जो जिप्सी सफारी से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा करीब से प्रकृति से जुड़ने का मौका देता है।

Jim Corbett Elephant Safari

क्यों बंद हुई थी हाथी सफारी? पूरी पृष्ठभूमि समझिए

करीब 6 साल पहले यानी वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश जारी किया था।

  • पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972

इन कानूनों के तहत कोर्ट ने हाथियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। इसी आदेश के बाद Jim Corbett Elephant Safari को पूरी तरह बंद कर दिया गया।

इसके बाद कई वर्षों तक यह मुद्दा स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड, वन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन रहा। जून 2024 में हुई स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक में आखिरकार हाथी सफारी को सीमित, नियंत्रित और नियमों के तहत दोबारा शुरू करने की अनुमति दी गई।


अब कहां-कहां हो रही है Jim Corbett Elephant Safari?

🐘 ढिकाला जोन (Dhikala Zone)

  • 2 हाथियों के माध्यम से सफारी
  • 2 निर्धारित रूट
  • सुबह और शाम की शिफ्ट
  • रामगंगा नदी, घास के मैदान और घने जंगल
  • कॉर्बेट का सबसे लोकप्रिय और कोर एरिया

ढिकाला जोन हमेशा से ही कॉर्बेट का दिल माना जाता है। यहां हाथी सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, हिरण, जंगली सूअर, नीलगाय और हाथियों के झुंड देखने का बेहतरीन मौका मिल रहा है।

Dhikala Zone Jim corbett

🐘 बिजरानी जोन (Bijrani Zone)

  • 1 हाथी के माध्यम से सफारी
  • 2 रूट
  • सफारी अवधि: 2 घंटे
  • घना साल वन और शांत वातावरण

बिजरानी जोन उन पर्यटकों के लिए खास है, जो कम भीड़ और शांत जंगल अनुभव चाहते हैं।


Jim Corbett Elephant Safari का किराया और टिकट जानकारी

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह के अनुसार:

  • भारतीय पर्यटक: ₹1000 प्रति व्यक्ति
  • 🌍 विदेशी पर्यटक: ₹3000 प्रति व्यक्ति
  • 👨‍👩‍👧‍👦 एक हाथी पर अधिकतम 5 लोग (बच्चों सहित)
  • 👶 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई शुल्क नहीं
  • ⏱️ सफारी अवधि: लगभग 2 घंटे

🎟️ टिकट कहां मिलेंगे?

  • कॉर्बेट पार्क के रिसेप्शन सेंटर से
  • पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर
  • अग्रिम बुकिंग की सीमित सुविधा
  • ऑनलाइन बूकिंग के आधिकारिक वैबसाइट पर जाए

Jim Corbett Elephant Safari क्यों है इतनी खास?

1️⃣ जंगल से सीधा जुड़ाव

हाथी की ऊंचाई से जंगल देखने का अनुभव बेहद अलग होता है। न इंजन की आवाज, न धूल, बस प्रकृति की शांति।

2️⃣ वन्यजीवों के करीब से दर्शन

हाथी को देखकर कई जानवर भागते नहीं हैं, जिससे पर्यटकों को उन्हें प्राकृतिक अवस्था में देखने का मौका मिलता है।

3️⃣ फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग

प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफर्स के लिए यह सफारी किसी वरदान से कम नहीं।

4️⃣ इको-टूरिज्म को बढ़ावा

सीमित और नियंत्रित सफारी से पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहता है।


सुरक्षा और नियम: क्या ध्यान रखना जरूरी है?

कॉर्बेट प्रशासन ने हाथी सफारी के लिए सख्त नियम बनाए हैं:

  • हाथी और महावत की देखरेख में ही सफारी
  • किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या शोर मचाने पर रोक
  • प्लास्टिक और कचरा पूरी तरह प्रतिबंधित
  • वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य

इन नियमों का उद्देश्य न सिर्फ पर्यटकों की सुरक्षा है, बल्कि वन्यजीवों की भलाई भी है।


पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर असर

Jim Corbett Elephant Safari की वापसी से स्थानीय पर्यटन उद्योग को नई जान मिली है।

  • होटल, गाइड, ड्राइवर और स्थानीय कर्मचारियों को रोजगार
  • ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
  • उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा

FAQs

❓ Jim Corbett Elephant Safari कब शुरू हुई?

👉 सर्द मौसम 2025 में, आदेश जारी होने के बाद।

❓ हाथी सफारी कितने समय की होती है?

👉 लगभग 2 घंटे।

❓ क्या बच्चे हाथी सफारी कर सकते हैं?

👉 हां, 5 साल से कम उम्र के बच्चों का टिकट मुफ्त है।

❓ क्या यह सुरक्षित है?

👉 हां, पूरी तरह प्रशिक्षित महावत और वन विभाग की निगरानी में।


निष्कर्ष: क्यों जरूर करें Jim Corbett Elephant Safari

अगर आप प्रकृति, रोमांच और शांति तीनों का अनुभव एक साथ चाहते हैं, तो jim corbett elephant safari आपके लिए एक परफेक्ट विकल्प है। वर्षों बाद लौटे इस शाही अनुभव ने कॉर्बेट पर्यटन को एक नई पहचान दी है।

यह सिर्फ एक सफारी नहीं, बल्कि जंगल को महसूस करने का मौका है। अगर आप इस सर्दी उत्तराखंड आने की योजना बना रहे हैं, तो कॉर्बेट की हाथी सफारी को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।


⚠️ डिस्क्लेमर

सफारी समय, रूट और शुल्क प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदल सकते हैं। यात्रा से पहले आधिकारिक कॉर्बेट वेबसाइट या पार्क कार्यालय से जानकारी अवश्य लें।

अगर आप चाहें, तो मैं इसी आर्टिकल के लिए

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