Gangotri National Highway

उत्तरकाशी में राहत की खबर: NH34 चौड़ीकरण परियोजना से बच गए हजारों पेड़ — जानें नया अपडेट…

Gangotri National Highway चौड़ीकरण पर बड़ी राहत : नहीं कटेंगे 6,000 पेड़

Uttarkashi News : उत्तराखंड के संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र Uttarkashi में पिछले कई दिनों से पर्यावरणप्रेमियों द्वारा पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर चलाए जा रहे अनोखे ‘ट्री प्रोटेक्शन मूवमेंट’ का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। Gangotri National Highway चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित 6,000 से अधिक पेड़ अब नहीं काटे जाएंगे। केंद्र सरकार और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने सड़क निर्माण मानकों में संशोधन कर इस बड़े परिवर्तन को मंजूरी दे दी है।


✦ कैसे रुका हजारों पेड़ों का कटान?

बता दें कि Gangotri National Highway चौड़ीकरण के लिए BRO और सड़क परिवहन मंत्रालय ने 6,822 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। यह प्रोजेक्ट सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि सड़क चौड़ी होने पर चीन सीमा तक सेना की आवाजाही और तेज़ एवं सुगम हो जाती। केंद्र सरकार ने पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी।

लेकिन अनुमति मिलने के बाद उत्तरकाशी में पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों ने इसका जोरदार विरोध शुरू किया।

  • हजारों लोग पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनका संरक्षण मांग रहे थे।
  • युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने एकजुट होकर अभियान चलाया।
  • लोगों का कहना था कि इतने बड़े स्तर पर पेड़ कटने से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा और बारिश तथा भूस्खलन जैसी आपदाएँ और बढ़ेंगी।

यह पूरा इलाका ईको-सेन्सिटिव ज़ोन में आता है, जहाँ पहले भी भीषण आपदाएँ दर्ज की जा चुकी हैं।

Gangotri National Highway : पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधते लोग

✦ सरकार और BRO ने बदला प्लान — अब सिर्फ 1,413 पेड़ ही कटेंगे

Uttarkashi मे लोगों के विरोध और पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए अब सरकार और BRO ने सड़क चौड़ाई के मानक बदले हैं।

नया बदलाव

  • पहले सड़क की चौड़ाई: 12 मीटर
  • अब नई चौड़ाई: 11 मीटर

सिर्फ 1 मीटर की कटौती ने लगभग 5,400 पेड़ों को बचा लिया

अब:

  • 6,822 पेड़ों की जगह
  • सिर्फ 1,413 पेड़ ही काटे जाएंगे

BRO के कमांडर राजकिशोर सिंह के अनुसार, “चौड़ाई कम होने से पेड़ों का संरक्षण संभव हुआ है। साथ ही 1,000 से अधिक पेड़ों को ट्रांसप्लांट भी किया जाएगा।”


✦ 90 किलोमीटर लंबी सड़क पर काम जारी

  • यह पूरी सड़क बड़ैथी से भैरवघाटी तक लगभग 90 किमी लंबे हिस्से में तैयार की जानी है।
  • यह सड़क चीन सीमा की ओर जाने वाली मुख्य सेना मार्गों में से एक है।
  • परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह सेना की लॉजिस्टिक क्षमता को मजबूत करती है।

✦ पर्यावरण प्रेमियों की जीत, सरकार की रणनीतिक संतुलन नीति

यह फैसला पर्यावरण संरक्षण और सामरिक जरूरतों के बीच संतुलन की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

  • जहां स्थानीय लोग पेड़ों को बचाने की मांग कर रहे थे,
  • वहीं सरकार सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही थी।

दोनों पक्षों के बीच यह समाधान एक विन–विन स्थिति के रूप में सामने आया है।

Gangotri National Highway People Protesting to save trees

✦ स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है:

“हम सड़क विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन हमारी प्रकृति और जंगल बचने चाहिए। सरकार ने हमारी आवाज सुनी, इसके लिए हम आभारी हैं।”


✦ निष्कर्ष

Gangotri National Highway चौड़ीकरण पर लिया गया यह संशोधित निर्णय उत्तराखंड के पर्यावरण, धार्मिक महत्व और सामरिक आवश्यकताओं—तीनों को ध्यान में रखकर किया गया एक संतुलित कदम है। इससे न केवल हजारों पेड़ों को नया जीवन मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता भी सुरक्षित रहेगी।


1. Gangotri National Highway पर पेड़ काटे जाने का विरोध क्यों हुआ?

उत्तरकाशी के स्थानीय लोग और पर्यावरणविदों का कहना था कि 6,000 से अधिक पेड़ काटने से पर्यावरण को बड़ा नुकसान होगा। यह पूरा इलाका ईको-सेन्सिटिव ज़ोन में आता है, जहां पहले ही कई आपदाएँ हो चुकी हैं।

2. क्या अब भी Gangotri National Highway पर पेड़ काटे जाएंगे?

हाँ, लेकिन बहुत कम। पहले जहाँ 6,822 पेड़ों के कटान का प्रस्ताव था, अब संशोधित योजना में सिर्फ 1,413 पेड़ ही काटे जाएंगे

3. पेड़ों को बचाने के लिए क्या बदलाव किया गया?

सड़क की चौड़ाई 12 मीटर से कम करके 11 मीटर कर दी गई। सिर्फ 1 मीटर कम करने से लगभग 5,400 पेड़ बच गए

4. क्या कुछ पेड़ों को ट्रांसप्लांट भी किया जाएगा?

हाँ। BRO के अनुसार 1,000 से अधिक पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन किया जाएगा, ताकि पर्यावरणीय नुकसान और कम हो सके।

5. सड़क निर्माण का कुल हिस्सा कितना लंबा है?

BRO को कुल 90 किलोमीटर सड़क बनानी है, जिसकी शुरुआत बड़ैथी से होकर भैरवघाटी तक होगी।

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