Dehradun Niranjanpur Mandi होगी शिफ्ट

देहरादून शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्थित बाजारों को लेकर राज्य सरकार अब ठोस और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में Dehradun Niranjanpur Mandi और समग्र देहरादून मोबिलिटी प्लान को लेकर संबंधित विभागों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में शहर की ट्रैफिक समस्या, बाजारों के पुनर्विकास, पार्किंग व्यवस्था और भविष्य की शहरी जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
देहरादून की ट्रैफिक समस्या पर सख्त रुख
बैठक में मुख्य सचिव ने साफ कहा कि देहरादून शहर में यातायात संकुलन एक गंभीर समस्या बन चुका है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए केवल अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी और व्यवहारिक उपायों पर काम किया जाए। इसके लिए शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और जंक्शनों पर विशेष फोकस करने को कहा गया।
उन्होंने आढ़त बाजार, इंदिरा मार्केट और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली और जहां देरी हो रही है वहां समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
Dehradun Niranjanpur Mandi को शिफ्ट करने के निर्देश
बैठक का सबसे अहम मुद्दा Dehradun Niranjanpur Mandi रहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निरंजनपुर मंडी को शहर से बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज की जाए। इसके लिए एमडीडीए को नई जगह चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निरंजनपुर मंडी देहरादून की सबसे बड़ी और मुख्य थोक सब्जी मंडी मानी जाती है। सहारनपुर रोड पर स्थित इस मंडी से पूरे शहर में फल और सब्जियों की आपूर्ति होती है। लेकिन मंडी का आकार, भारी ट्रकों की आवाजाही और दिनभर की भीड़ के कारण इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुका है। यही वजह है कि लंबे समय से इसे शिफ्ट करने की मांग उठ रही थी, जिस पर अब सरकार ने गंभीरता दिखाई है।

आढ़त बाजार का पुनर्निर्माण जल्द
मुख्य सचिव ने आढ़त बाजार के पुनर्निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संबंधित शासनादेश 20 जनवरी तक जारी कर दिया जाए, ताकि निर्माण कार्य में और देरी न हो। आढ़त बाजार के पुनर्विकास से न केवल व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी।
शहर के 6 जंक्शनों के सुधार पर फोकस
देहरादून के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए शहर के छह प्रमुख जंक्शनों के सुधार की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि 15 जनवरी तक इन जंक्शनों के सुधार से संबंधित शासनादेश जारी किया जाए। माना जा रहा है कि इन जंक्शनों के बेहतर डिजाइन और सिग्नल व्यवस्था से ट्रैफिक फ्लो में काफी सुधार आएगा।
पार्किंग व्यवस्था पर सरकार की चिंता
बैठक में मुख्य सचिव ने शहर में बनी पार्किंग का 100 प्रतिशत उपयोग न होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार पार्किंग अगर खाली पड़ी हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग सड़कों पर वाहन खड़ा करने के बजाय पार्किंग का इस्तेमाल करें।
इसके साथ ही नगर निगम द्वारा लागू की जा रही ऑन-रोड पार्किंग व्यवस्था को अन्य मार्गों पर भी लागू करने की बात कही गई। इसका उद्देश्य यह है कि अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लगे और शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति कम हो।
SPV और सीज वाहनों की पार्किंग
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि दिसंबर माह में एसपीवी (SPV) को रजिस्टर किया जाए और जनवरी में इसकी पहली बोर्ड बैठक आयोजित की जाए। यह एसपीवी देहरादून की मोबिलिटी और ट्रैफिक सुधार योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा आशारोड़ी क्षेत्र में सीज किए गए वाहनों के लिए बनाई जा रही पार्किंग को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। इससे शहर के भीतर अवैध रूप से खड़े जब्त वाहनों की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
UMTA मोबिलिटी प्लान पर ग्राउंड ट्रुथिंग
मुख्य सचिव ने UMTA द्वारा तैयार किए गए मोबिलिटी प्लान के तहत चिन्हित नए पार्किंग स्थलों की ग्राउंड ट्रुथिंग कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अगर ये स्थल पार्किंग के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं तो उन्हें जल्द विकसित किया जाए।
इसके साथ ही परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग के फीजिबिलिटी परीक्षण को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। अगर यह योजना सफल होती है तो शहर के मध्य क्षेत्र में पार्किंग की बड़ी समस्या का समाधान निकल सकता है।
अवैध तारों और सड़कों की मरम्मत पर निर्देश
बैठक में शहर के खंभों पर लटके बिना अनुमति और अवैध तारों का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी अवैध तारों को जल्द हटाया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और शहर की तस्वीर भी बेहतर दिखे।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिसिटी केबल का काम पूरा हो चुका है, वहां सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। खराब सड़कों के कारण न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भी परेशानी होती है।
देहरादून के भविष्य की तैयारी
कुल मिलाकर यह बैठक साफ संकेत देती है कि सरकार देहरादून की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को लेकर गंभीर है। Dehradun Niranjanpur Mandi को शिफ्ट करने से लेकर पार्किंग, जंक्शन सुधार और मोबिलिटी प्लान तक, सभी फैसले शहर को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं।
अगर ये योजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में देहरादूनवासियों को जाम, अव्यवस्थित बाजार और पार्किंग की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
❓ FAQs : Dehradun Niranjanpur Mandi & Dehradun Mobility Plan
Q1. Dehradun Niranjanpur Mandi को क्यों शिफ्ट किया जा रहा है?
निरंजनपुर मंडी देहरादून की सबसे बड़ी थोक सब्जी मंडी है। भारी भीड़ और ट्रकों की आवाजाही के कारण यहां रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, इसलिए इसे शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है।
Q2. Dehradun Niranjanpur Mandi को कहां शिफ्ट किया जाएगा?
नई जगह की तलाश के लिए एमडीडीए को निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल स्थान तय नहीं हुआ है, लेकिन शहर से बाहर और ट्रैफिक के लिहाज से उपयुक्त क्षेत्र चुना जाएगा।
Q3. निरंजनपुर मंडी शिफ्ट होने से देहरादून को क्या फायदा होगा?
मंडी शिफ्ट होने से सहारनपुर रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा, जिससे आम लोगों और व्यापारियों दोनों को राहत मिलेगी।
Q4. आढ़त बाजार का पुनर्निर्माण कब शुरू होगा?
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि 20 जनवरी तक आढ़त बाजार के पुनर्निर्माण से संबंधित शासनादेश जारी कर दिया जाए, इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
Q5. देहरादून में किन जंक्शनों का सुधार किया जाएगा?
शहर के छह प्रमुख जंक्शनों को सुधारने की योजना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को 15 जनवरी तक शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
Q6. पार्किंग व्यवस्था को लेकर सरकार का क्या प्लान है?
शहर में बनी पार्किंग का 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ऑन-रोड पार्किंग व्यवस्था को अन्य मार्गों पर भी लागू किया जाएगा।
Q7. UMTA मोबिलिटी प्लान का उद्देश्य क्या है?
UMTA द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान का उद्देश्य देहरादून में ट्रैफिक, पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना है, ताकि शहर की आवाजाही आसान हो सके।
Q8. परेड ग्राउंड अंडरग्राउंड पार्किंग पर क्या फैसला हुआ है?
परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। रिपोर्ट सकारात्मक रहने पर इस योजना पर आगे काम किया जाएगा।



