नए साल के जश्न में शराब बिक्री ने उड़ाए होश ,महज 1 हफ्ते मे ही 225 करोड़ की दारू गटक गए उत्तराखंड वाले!

नए साल के जश्न में शराब बिक्री ने उड़ाए होश ,महज 1 हफ्ते मे ही 225 करोड़ की दारू गटक गए उत्तराखंड वाले!
Alcohol Consumption Shock uttarakhand on new year

नए साल 2026 के जश्न में टूटा शराब(Alcohol) बिक्री का रिकॉर्ड

देवभूमि Uttarakhand में साल 2026 का स्वागत इस बार सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शराब बिक्री के आंकड़ों ने भी इतिहास रच दिया। नए साल की पार्टियों, पर्यटकों की भारी भीड़ और लगातार आयोजनों की वजह से प्रदेश में मदिरा की खपत ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

📊 आबकारी विभाग के आंकड़े क्या कहते हैं

आबकारी विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच Uttarakhand में ₹225 करोड़ से अधिक की शराब बिक्री दर्ज की गई।

  • कुल खपत: 8 दिनों में 1,53,782 कार्टन शराब की बिक्री
  • रिकॉर्ड ब्रेक: साल 2024 की तुलना में करीब 2,000 कार्टन ज्यादा खपत
  • सरकारी राजस्व: नए साल के जश्न ने खजाने को मजबूत किया

इन आंकड़ों ने न सिर्फ प्रशासन को चौंकाया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि पर्यटन सीजन और उत्सवों का सीधा असर शराब बिक्री पर पड़ता है।

🚀 आखिर क्यों बढ़ी शराब(Alcohol) की बिक्री

आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, इस बार कई कारणों ने मिलकर बिक्री को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया।

  • क्रिसमस से लेकर न्यू ईयर तक पर्यटकों की भारी आमद
  • होटल, रिसॉर्ट और क्लबों में नए साल के विशेष कार्यक्रम
  • सर्दियों की छुट्टियों के चलते लंबा वीकेंड और फैमिली ट्रिप्स

Uttarakhand मे खासतौर पर देहरादून, मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे पर्यटन केंद्रों में सबसे ज्यादा रौनक देखने को मिली।

👮 कमाई के साथ सख्ती भी रही जारी

इतनी बड़ी बिक्री के बीच प्रशासन ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया।

  • ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती:
    पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया। नशे में वाहन चलाने वालों पर चालान और कार्रवाई की गई।
  • अवैध शराब पर नजर:
    बार और शराब दुकानों पर ओवररेटिंग, अवैध भंडारण और बिना परमिट बिक्री को लेकर कड़ी निगरानी रखी गई।
  • नियमों में सहूलियत:
    नई आबकारी नियमावली ने वैध व्यापार को आसान बनाया, जिससे अवैध गतिविधियां घटीं और सरकार को अधिक राजस्व मिला।

📌 क्या कहता है यह रिकॉर्ड

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा सिर्फ शराब की खपत नहीं दिखाता, बल्कि उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन, बेहतर कनेक्टिविटी और इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था की तस्वीर भी पेश करता है। हालांकि, साथ ही यह जिम्मेदार जश्न और सड़क सुरक्षा पर लगातार ध्यान देने की जरूरत भी याद दिलाता है।

निष्कर्ष

साल 2026 की शुरुआत उत्तराखंड के लिए आर्थिक रूप से मजबूत रही। नए साल के जश्न में जहां पर्यटकों ने जमकर खुशियां मनाईं, वहीं शराब बिक्री ने सरकारी रिकॉर्ड तोड़ दिए। अब आने वाले महीनों में नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन राजस्व के साथ-साथ सामाजिक संतुलन को कैसे बनाए रखता है।v

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