📰 Ganesh Chaturthi 2025 : जानें क्यों और कहाँ मनाई जाती है गणेश चतुर्थी
Ganesh Chaturthi भारत का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जिसे भगवान गणेश की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व श्रद्धा, उत्साह और सामूहिकता का प्रतीक है। हर वर्ष भाद्रपद माह की शुक्ल चतुर्थी तिथि को यह त्योहार पूरे देश में विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तरी भारत के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है।
2025 में Ganesh Chaturthi का पर्व पूरे देश में भक्ति और आस्था के साथ मनाए जाने की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पर्व कब, क्यों और कहाँ मनाया जाता है।
Ganesh Chaturthi 2025 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 में गणेश चतुर्थी बुधवार, 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को प्रारंभ होकर अनंत चतुर्दशी तक चलता है।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: प्रातःकाल से मध्यान्ह तक गणेश पूजा श्रेष्ठ मानी जाती है।
- व्रत और नियम: इस दिन व्रतधारी सूर्योदय से पहले स्नान कर गणपति की प्रतिमा स्थापित करते हैं।

क्यों मनाई जाती है Ganesh Chaturthi?
इस त्योहार के पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ ऐतिहासिक कारण भी जुड़े हैं।
- धार्मिक मान्यता
- मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था।
- गणपति को विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि का देवता माना जाता है।
- इस दिन उनकी पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
- ऐतिहासिक महत्व
- छत्रपति शिवाजी महाराज ने गणेश चतुर्थी को समाज को एकजुट करने के लिए प्रोत्साहित किया।
- स्वतंत्रता संग्राम के समय बाल गंगाधर तिलक ने इस पर्व को जनआंदोलन से जोड़ा और इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया।

कहाँ और कैसे मनाई जाती है Ganesh Chaturthi?
महाराष्ट्र
- Ganesh Chaturthi का सबसे भव्य रूप महाराष्ट्र में दिखाई देता है।
- मुंबई के लालबागचा राजा, सिद्धिविनायक मंदिर और पुणे की मंडलियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
- यहाँ 10 दिनों तक भव्य पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शोभायात्राएँ आयोजित की जाती हैं।
दक्षिण भारत
- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में घर-घर गणपति की मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं।
- विशेष रूप से हैदराबाद का ‘खैरताबाद गणेश’ एशिया की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है।
उत्तर भारत
- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में भी अब सार्वजनिक पंडालों और मंदिरों में गणेश चतुर्थी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
विदेशों में
- अमेरिका, यूके, कनाडा और खाड़ी देशों में बसे भारतीय समुदाय भी इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं।
- विशेषकर दुबई और सिंगापुर के भारतीय मंदिरों में विशाल आयोजन किए जाते हैं।
गणेश पूजा की विधि
- गणपति प्रतिमा की स्थापना शुभ मुहूर्त में करें।
- कलश स्थापना, धूप-दीप और मंत्रोच्चार करें।
- 21 दूर्वा, 21 मोदक और लाल फूल अर्पित करें।
- गणपति अथर्वशीर्ष और गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
- व्रतधारी दिनभर उपवास रखते हैं और रात्रि में फलाहार करते हैं।
पर्यावरण और आधुनिक पहल
आज के समय में Eco-friendly Ganesh Chaturthi का महत्व बढ़ गया है।
- मिट्टी की मूर्तियाँ: प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह प्राकृतिक मिट्टी और शंख-चूर्ण से बनी मूर्तियों का प्रचलन बढ़ा है।
- डिजिटल उत्सव: कोविड-19 महामारी के बाद से कई गणेश मंडल ऑनलाइन दर्शन और वर्चुअल आरती का आयोजन कर रहे हैं।
- ग्रीन विसर्जन: कृत्रिम तालाबों और मोबाइल टैंकों में गणेश प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की जाती है ताकि नदियों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
गणेश चतुर्थी से जुड़े रोचक तथ्य
- गणपति का प्रिय भोजन मोदक है, जिसे इस दिन विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
- महाराष्ट्र में ढोल-ताशे और लेज़ीम नृत्य का आयोजन होता है।
- विदेशों में बसे भारतीय गणेश चतुर्थी को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का माध्यम मानते हैं।
आर्थिक और सामाजिक महत्व
- आर्थिक दृष्टि से: यह पर्व मूर्तिकारों, फूल विक्रेताओं, मिठाई दुकानदारों और कलाकारों के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है।
- सामाजिक दृष्टि से: गणेश चतुर्थी समाज को एकजुट करती है और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखती है।
निष्कर्ष
Ganesh Chaturthi 2025 केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। चाहे महाराष्ट्र की रौनक हो या विदेशों में भारतीय समुदाय का उत्साह – यह पर्व हर दिल को जोड़ता है और सबको ‘विघ्नहर्ता’ के चरणों में भक्ति से सराबोर कर देता है।
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FAQs
Q1. 2025 में Ganesh Chaturthi कब है?
➡ 27 अगस्त 2025, बुधवार को।
Q2. गणेश चतुर्थी कितने दिन चलती है?
➡ यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन के साथ समाप्त होता है।
Q3. गणेश चतुर्थी सबसे ज्यादा कहाँ मनाई जाती है?
➡ महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और मुंबई-पुणे जैसे शहरों में।
Q4. गणेश जी को कौन से भोग प्रिय हैं?
➡ मोदक, दूर्वा और लाल फूल गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं।
Q5. Eco-friendly Ganesh Chaturthi क्यों ज़रूरी है?
➡ ताकि जल प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान से बचा जा सके।